गौवंश मांस खाये जाने वाले राज्य गोवा में न घूमने जाने की प्रतिज्ञा कर हस्ताक्षर अभियान से जुड़ें

जब भी किसी हिंदू के दिमाग में घूमने का विचार आता है तो वह गोवा जाने की सोचता है। कईं नवविवाहित हिंदु दंपत्ति भी विवाह के बाद गोवा घूमने जाते हैं। लेकिन हम जानते हैं कि जब गोवा में गोमांस प्रतिबंधित नहीं है और गोवा के बहुत लोग गौवंश मांस खाते हैं तो हिंदू अपने सनातन वैदिक धर्म की दृष्टि से ऐसी अपवित्र जगह पर घूमने जाते क्यों हैं? क्या वहाँ के लोग हिन्दुओं की भावना का सम्मान करते हैं? जिस होटल में हिंदू ठहरते होंगे उसका मालिक गौवंश मांस भक्षक हो सकता है, वहां काम करने वाले कर्मचारी को गौवंश मांस भक्षक हो सकते हैं। तो हिंदू वहां तो गौवंश मांस भक्षकों की आय बढ़ाने जाते हैं और फिर गौवंश भक्षकों की निंदा भी करते हैं। इसलिए मेरा मानना है कि हिंदुओं को घूमने के लिए गौवंश मांस भक्षकों के स्थान गोवा घूमने जाना ही नहीं चाहिए। भारत में और भी बहुत स्थानों पर समुद्र का किनारा है, सुंदर beach है, घूमने की अच्छी जगह है हरियाली है। गुजरात और ओड़ीसा आदि राज्यों में ऐसे कई मनमोहक समुद्र के किनारे हैं जहां हिन्दू प्रयटन के लिए जा सकते हैं। हिंदुओं ऐसी जगह घूमने जाएं जहां घूमना भी हो और मन भी पवित्र हो। गौ मांस भक्षकों के पास क्यों जाते हो जो बहुसंख्यक हिंदुओं की धार्मिक भावना का सम्मान न करते हुए गौवंश मांस पर प्रतिबंध का विरोध करते हैं? मैं, जितेंद्र खुराना, देश के सारे हिंदुओं को आव्हान करता हूँ कि जहां गोवा में गौवंश मांस खाना वैध है तो वहां घूमने के लिए जाना ही बंद करो क्योंकि जहां गौवंश मांस खाया जाता है वहां पर हिंदू घूम नहीं सकते। और नीचे फॉर्म भरकर हस्ताक्षर पर क्लिक करके प्रतिज्ञा करो कि हम हिन्दू गौवंश के मांस खाये जाने वाले राज्य गोवा में घूमने का बहिष्कार करेंगे, जब तक गोवा में गौवंश मांस भक्षण पर प्रतिबंध नहीं लग जाता। हर हिन्दू इस हस्ताक्षर अभियान को शेयर करके अन्य हिन्दुओ को जगाए। गोवा में गौवंश मांस भक्षण पर गोवा सरकार द्वारा प्रतिबंध लगने पर हम हिन्दू गोवा में घूमने के निर्णय पर पुनर्विचार करेंगे।
जितेंद्र खुराना
www.facebook.com/iJitenderKhurana

आप भी गौवंश मांस खाये जाने वाले राज्य गोवा में न घूमने जाने के हस्ताक्षर अभियान से जुड़ें।

  

जब भी किसी हिंदू के दिमाग में घूमने का विचार आता है तो वह गोवा जाने की सोचता है। कईं नवविवाहित हिंदु दंपत्ति भी विवाह के बाद गोवा घूमने जाते हैं। लेकिन हम जानते हैं कि जब गोवा में गोमांस प्रतिबंधित नहीं है और गोवा के बहुत लोग गौवंश मांस खाते हैं तो हिंदू अपने सनातन वैदिक धर्म की दृष्टि से ऐसी अपवित्र जगह पर घूमने जाते क्यों हैं? क्या वहाँ के लोग हिन्दुओं की भावना का सम्मान करते हैं? जिस होटल में हिंदू ठहरते होंगे उसका मालिक गौवंश मांस भक्षक हो सकता है, वहां काम करने वाले कर्मचारी को गौवंश मांस भक्षक हो सकते हैं। तो हिंदू वहां तो गौवंश मांस भक्षकों की आय बढ़ाने जाते हैं और फिर गौवंश भक्षकों की निंदा भी करते हैं। इसलिए मेरा मानना है कि हिंदुओं को घूमने के लिए गौवंश मांस भक्षकों के स्थान गोवा घूमने जाना ही नहीं चाहिए। भारत में और भी बहुत स्थानों पर समुद्र का किनारा है, सुंदर beach है, घूमने की अच्छी जगह है हरियाली है। गुजरात और ओड़ीसा आदि राज्यों में ऐसे कई मनमोहक समुद्र के किनारे हैं जहां हिन्दू प्रयटन के लिए जा सकते हैं। हिंदुओं ऐसी जगह घूमने जाएं जहां घूमना भी हो और मन भी पवित्र हो। गौ मांस भक्षकों के पास क्यों जाते हो जो बहुसंख्यक हिंदुओं की धार्मिक भावना का सम्मान न करते हुए गौवंश मांस पर प्रतिबंध का विरोध करते हैं? मैं, जितेंद्र खुराना, देश के सारे हिंदुओं को आव्हान करता हूँ कि जहां गोवा में गौवंश मांस खाना वैध है तो वहां घूमने के लिए जाना ही बंद करो क्योंकि जहां गौवंश मांस खाया जाता है वहां पर हिंदू घूम नहीं सकते। और नीचे फॉर्म भरकर हस्ताक्षर पर क्लिक करके प्रतिज्ञा करो कि हम हिन्दू गौवंश के मांस खाये जाने वाले राज्य गोवा में घूमने का बहिष्कार करेंगे, जब तक गोवा में गौवंश मांस भक्षण पर प्रतिबंध नहीं लग जाता। हर हिन्दू इस हस्ताक्षर अभियान को शेयर करके अन्य हिन्दुओ को जगाए। गोवा में गौवंश मांस भक्षण पर गोवा सरकार द्वारा प्रतिबंध लगने पर हम हिन्दू गोवा में घूमने के निर्णय पर पुनर्विचार करेंगे।
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जितेंद्र खुराना HinduAbhiyan.com के संस्थापक और हिन्दू जागरण अभियान के संयोजक हैं। Disclaimer: The facts and opinions expressed within this article are the personal opinions of the author. www.HinduAbhiyan.com does not assume any responsibility or liability for the accuracy, completeness, suitability, or validity of any information in this article.

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